प्रयागराज के सिविल लाइंस क्षेत्र में प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर हुए प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा और गाड़ियों में तोड़फोड़ के मामले में पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है। सीसीटीवी फुटेज और वीडियो साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने उपद्रव में शामिल 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
क्या था पूरा मामला?
बीते 25 जुलाई को सिविल लाइंस के सुभाष चौराहा और आसपास के इलाकों में छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान कुछ अराजक तत्वों ने माहौल बिगाड़ने की कोशिश की। इस दौरान सड़क पर खड़ी और गुजर रही कई गाड़ियों में तोड़फोड़ की गई। उपद्रवियों ने विशेष रूप से भाजपा नेताओं और प्रतिनिधियों के वाहनों को निशाना बनाया और पथराव किया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस बल ने स्थिति को नियंत्रण में लिया और उपद्रवियों की पहचान के लिए सीसीटीवी कैमरों और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो फुटेज की जांच शुरू की।
तीन अलग-अलग एफआईआर दर्ज
सिविल लाइंस पुलिस थाने में इस घटना से संबंधित कुल तीन प्राथमिकियां दर्ज की गई हैं:
* पहली एफआईआर: बांदा के पूर्व सांसद रमेश चंद्र द्विवेदी के पुत्र रोहित द्विवेदी की तहरीर पर हत्या के प्रयास और संपत्ति को नुकसान पहुँचाने की धाराओं में दर्ज की गई।
* दूसरी एफआईआर: रीवा (मध्य प्रदेश) के भाजपा नेता प्रशांत पाठक की शिकायत पर दर्ज हुई।
* तीसरी एफआईआर: भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ के क्षेत्रीय सह-संयोजक रवींद्र कुमार जायसवाल की तहरीर पर दर्ज की गई।
गिरफ्तार आरोपियों की सूची
पुलिस प्रशासन (डीसीपी सिटी मनीष शांडिल्य) द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार कर जेल भेजे गए मुख्य आरोपियों के नाम निम्नलिखित हैं:
* शिवम कुमार यादव (निवासी: हंडिया)
* आशीष यादव (नैनी थाने का हिस्ट्रीशीटर)
* अवनीश यादव (स्थानीय होटल संचालक)
* अभिषेक सोनकर (फल विक्रेता)
* अमर यादव
* कारगिल सिंह
* दिलशाद (दूध विक्रेता)
* मोहम्मद सुफियान खान
पुलिस का वक्तव्य
पुलिस का कहना है कि हिंसा और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुँचाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। वीडियो फुटेज के आधार पर अन्य उपद्रवियों की भी पहचान की जा रही है और जल्द ही इस मामले में कुछ और गिरफ्तारियां संभव हैं। फिलहाल इलाके में स्थिति पूरी तरह शांतिपूर्ण और नियंत्रण में है।







